कवि सम्मेलन २००९-विडियो
>> Monday, March 23, 2009
अभिनव शुक्ल ( हास्य कवि ) : अभिनव शुक्ल की हास्य , व्यंग और दर्शन रचना प्रस्तुति की अभिनव शैली है जो श्रोताओं को गुदगुदाती है, हंसाती है और गहरे संदेशों को खोजने और खनन करने के लिए प्रोत्साहित करती है आइये सुनते है होली और वेलन्टाइन जैसे विषयों से परिपूर्ण हंसी का खजाना....
जब लिखे गीत उसने तो कलिया खिलीं हास्य छेड़ा तो हँसने लगी ये धरा
शारदा के कमल पत्र से है उठा भाव जो पंक्तियों में सहज ही भरा
मंच के झुटपुटे में दिवाकर सा बन उसने दी काव्य को रोशनी इक नई
उसकी अभिनव कलम से बिखरता हुआ काव्य हर इक कसौटी पे उतरा खरा
अर्चना पंडा : अर्चना पंडा हर परेशानी को कविता के रूप में कैसे कहती है और उनका अभिप्राय हमारे आम जीवन की घटनाओं से कैसे जुड़ा है हंसते-हंसाते और मंद मंद मुस्कुराते हुए सुनिए..नौकरी की टोकरी भाग २
जिनकी कविता की खुश्बू से पाट पश्चिमी सरोबार है
जिनकी कविता में मुस्कानों को अक्सर मिलता निखार है
कथा कहानी कविता सब में अपनी कलम चलाती आईं
उन्हीं अर्चना पंडा जी का यहां मंच पर इन्तज़ार है